बुधवार, 26 जनवरी 2011

स्वागत २०११


गणतंत्र दिवस शुभ हो साथ ही नव वर्ष में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की ढेरों शुभकामनाएँ!


मंगलकामनाओं के इस दौर के साथ अभिव्यक्ति की सहयोगी पद्य-पत्रिका अनुभूति १ जनवरी को अपने जीवन के १० वर्ष पूरे कर रही है। इन दोनों पत्रिकाओं के निर्माण, संयोजन, संचालन और पठन-पाठन में लगे उन असंख्य लोगों का हार्दिक आभार जिनके सहारे इतना रास्ता पार कर ये दोनो पत्रिकाएँ यहाँ तक पहुँची हैं।


पुराने वर्ष के अवसान के साथ अभिव्यक्ति के कुछ पुराने स्तंभ भी अभिव्यक्ति से विदा ले चुके हैं और नए साल के आगमन के कुछ नए स्तंभ हमारे साथ सम्मिलित हो रहे हैं। दस वर्ष पुराना "सप्ताह का विचार" इस साल से प्रकाशित नहीं होगा। तीन वर्ष पुराने- "क्या आप जानते हैं" और "हास परिहास" भी इस अंक से नहीं होंगे, एक वर्ष पुराना "रसोईघर से सौंदर्य सुझाव" भी पिछले अंक के साथ पूरा हो चुका है।


इसके स्थान पर पाँच नए स्तंभ जुड़ रहे हैं जिसमें से एक- "वर्ग पहेली" नए साल से पहले ही प्रारंभ हो चुका है। इस स्तंभ को आकार देने में भारत से गोपालकृष्ण भट्ट और रश्मि आशीष ने अपने व्यस्त कार्यजीवन से समय निकालकर कड़ी मेहनत की है। इसके साथ ही रश्मि कंप्यूटर से संबंधित छोटी छोटी बातों का एक स्तंभ शुरू कर रही है कंप्यूटर की कक्षा। वे इस अंक से एक ५००० शब्दों के साथ शब्दकोश पर भी काम प्रारंभ कर रही हैं। वर्ष के अंत तक यह १ लाख शब्दों का संपूर्ण शब्दकोश हो जाएगा।


रसोईघर की कायापलट कर रही हैं- मारिशस टी.वी. की अत्यंत लोकप्रिय व्यक्तित्व मधु गजाधर। पारंपरिक भारतीय भोजन को स्वास्थ्यवर्धक शैली में प्रस्तुत करने की विशेषज्ञ, वे प्रति सप्ताह भारतीय स्वाद के अनुरूप पारंपरिक या आधुनिक शैली का एक व्यंजन हमारे पाठकों के लिये प्रस्तुत करेंगी।


"बचपन की आहट" के साथ घर परिवार को उपयोगी और रोचक बना रही हैं संयुक्त अरब इमारात की इला गौतम। दो से अधिक वर्षों से निरंतर शिशुविकास के अध्ययन में संलग्न इला ने बच्चों के विकास को साप्ताहिक चरणों में लिपिबद्ध करने का महत्तवपूर्ण काम किया है। इस अंक से उनका यह रोचक अवलोकन छोटी टिप्पणियों और संपूर्ण लेखों के माध्यम से पाठकों तक पहुँचेगा।


रसोईघर के सुझावों को नया रूप दे रही हैं अलका मिश्रा- "रसोईघर से स्वास्थ्य सुझाव" में। पिछले पाँच वर्षों से
भी अधिक समय से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की खेती और दवाओं में उनके प्रयोग पर अनुसंधान में रत अलका, सरलता से उपलब्ध भारतीय मसालों और जड़ी बूटियों पर आधारित स्वास्थ्यवर्धक सुझाव इस सप्ताह से प्रारंभ कर रही हैं।


वेब पर सबसे लोकप्रिय और भारत की जानी मानी ज्योतिषाचार्या संगीता पुरी इस अंक से अभिव्यक्ति में पहली बार प्रस्तुत कर रही हैं पाक्षिक भविष्य फल। आशा है ये स्तंभ पाठकों को रुचेंगे। नववर्ष में बदले हुए रंगरूप के साथ इन आयोजनों के विषय में आपकी राय और सुझावों की प्रतीक्षा रहेगी।

9 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आपकोभी बधाई।

राणा प्रताप सिंह (Rana Pratap Singh) ने कहा…

हम सबकी चहेती पत्रिका अनुभूति के दस वर्ष पूर्ण करने पर आपको बधाई| यह आपके सतत परिश्रम का ही प्रतिफल है|अभिव्यक्ति के नए स्तम्भ भी बहुत सुन्दर हैं|

डॉ० डंडा लखनवी ने कहा…

आम आदमी के प्रति सहानुभूति और हिंदी साहित्य के विकास में आपका योगदान महत्वपूर्ण है। इस भावपूर्ण आलेख के लिए बधाई और गणतंत्र-दिवस के अवसर पर मंगल कामनाएं । २३ दिसम्बर को नेताजी सुभाषचंद बोस की जयन्ती थी उन्हें याद कर युवा-शक्ति को प्रणाम करता हूँ। आज हम चरित्र-संकट के दौर से गुजर रहे हैं। हमारे आस -पास ऐसा कोई जीवन्त नायक नहीं जिसके चरित्र का युवा-पीढ़ी अनुकरण कर सकें?
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मुन्नियाँ देश की लक्ष्मीबाई बने,
डांस करके नशीला न बदनाम हों।
मुन्ना भाई करें ’बोस’ का अनुगमन-
देश-हित में प्रभावी ये पैगाम हों॥
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सद्भावी - डॉ० डंडा लखनवी

cmpershad ने कहा…

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं। हिंदी के लिए आप जैसे समर्पित व्यतियों की अत्यावश्यकता है ॥

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

आपको भी नववर्ष और गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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हिन्‍दी के सर्वाधिक पढे जाने वाले ब्‍लॉग्‍।

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

aapko bhi shubhkamna/badhai

डॉ० डंडा लखनवी ने कहा…

सराहनीय आलेख।
प्रभावकारी लेखन के लिए बधाई।
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सद्भावी-डॉ० डंडा लखनवी

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

अभिव्यक्ति के नये रंग रूप के बारे में जान कर अच्छा लगा ।

UDAY PUNDHIR ने कहा…

आपको बधाई